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शेयर बाज़ार और कमोडिटी बाज़ार में अन्तर

यदि आप एक निवेशक है और शेयर बाज़ार अथवा कमोडिटी बाज़ार में निवेश के लिए सोच रहे है, और आप इस दुविधा में है कि कौनसा सेगमेंट अच्छा है तो यह पोस्ट आपको अवश्य पढ़नी चाहिए ताकि शेयर बाज़ार अथवा कमोडिटी बाज़ार के वास्तविक अंतर को भली भांति समझ सकें।

शेयर बाज़ार

यह एक इक्विटी आधारित सेगमेंट है जहां आप किसी कंपनी के शेयर खरीदने के उपरांत उस कंपनी के हिस्सेदार बन सकते है। खरीदे गए शेयर्स को कितनी भी अवधि तक अपने डिमैट खाते में सुरक्षित रखा जा सकता है, और किसी विशेष परिस्थिति अथवा लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किसी भी समय अपने शेयर्स को बेचा जा सकता है।
शेयर बाज़ार में आपके पास हज़ारो कंपनियों के शेयर खरीदने का मौका होता है। जिन्हें आप अपने लाभ के गणित के आधार पर खरीद सकते है। शेयर बाज़ार में निवेश के लिए आधिकारिक एक्सचेंज उपलब्ध होते है जोकि किसी कंपनी को अपने शेयर आम निवेशकों अथवा बड़े प्रोमोटर्स को बेचने का विकल्प मुहैया कराते है। जिससे कंपनी को बड़ी नकदी प्राप्त होती है और कंपनी अपने कारोबार का विस्तार कर सकती है।

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एक आम निवेशक किसी भी कंपनी के शेयर को कभी भी उसके वर्तमान मूल्य के आधार पर खरीद अथवा बेच सकता है। कंपनी की कार्यप्रणाली का असर उसके शेयर पर भी पड़ता है यदि कोई कंपनी तिमाही दर तिमाही अच्छे नतीजे पेश करती है तो ज्यादा से ज्यादा निवेशक उस कंपनी का हिस्सा बनना चाहते है जिसके कारण उक्त कंपनी के शेयर में अच्छी वृद्धि होती है जिसका फायदा कंपनी के शेयर होल्डर्स को भी मिलता है।
शेयर बाज़ार को सीधे शब्दों में कहा जाए तो, यह एक मंच है किसी कंपनी और निवेशको के बीच एक कड़ी बनाने का, ताकि एक आम निवेशक भी किसी अच्छी कंपनी के साथ जुड़कर अपनी पूंजी में वृद्धि कर सके, और निवेश के आदर्श विकल्प का इस्तेमाल किया जा सके।

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एक आम निवेशक किसी भी कंपनी के शेयर को कभी भी उसके वर्तमान मूल्य के आधार पर खरीद अथवा बेच सकता है। कंपनी की कार्यप्रणाली का असर उसके शेयर पर भी पड़ता है यदि कोई कंपनी तिमाही दर तिमाही अच्छे नतीजे पेश करती है तो ज्यादा से ज्यादा निवेशक उस कंपनी का हिस्सा बनना चाहते है जिसके कारण उक्त कंपनी के शेयर में अच्छी वृद्धि होती है जिसका फायदा कंपनी के शेयर होल्डर्स को भी मिलता है।
शेयर बाज़ार को सीधे शब्दों में कहा जाए तो, यह एक मंच है किसी कंपनी और निवेशको के बीच एक कड़ी बनाने का, ताकि एक आम निवेशक भी किसी अच्छी कंपनी के साथ जुड़कर अपनी पूंजी में वृद्धि कर सके, और निवेश के आदर्श विकल्प का इस्तेमाल किया जा सके।

कमोडिटी बाज़ार

यह एक निवेश का अलग विकल्प है जहां आप वैश्विक आधार पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं को खरीद अथवा बेच सकते है और उनके मूल्य में होने वाले उतार चढ़ाव को अपने लाभ में तब्दील कर सकते है। कमोडिटी बाज़ार वायदा बाजार पर आधारित होता है। जहां इन वस्तुओं के मूल्य भौतिक वस्तुओं के मूल्य के आधार पर ऊपर नीचे होते है।
इनमें कौन कौन सी वस्तुएँ शामिल है।

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मूल्यवान धातु– सोना चांदीबेस धातु-निकेल, कॉपर, जिंक, लीड, और एल्युमिनियम।एग्री कमोडिटी– मेंथा आयल, इलायची, काली मिर्च, जीरा, ग्वार, सोयाबीन, गेंहू इत्यादिकमोडिटी बाज़ार में किसी वस्तु के मूल्य में वृद्धि उसकी मांग अथवा आपूर्ति के चक्र पर आधारित होती है। कुछ कमोडिटी के मूल्य में उतार चढ़ाव घरेलू परिद्रश्य पर आधारित है जबकि मूल्यवान धातु अथवा बेस धातु के मूल्य वैश्विक मांग और आपूर्ति पर निर्भर करते है।

शेयर बाज़ार के फायदे-

  • यहां एक निवेशक के पास हज़ारो कंपनियों में निवेश करने के विकल्प उपलब्ध होते है।
  • किसी शेयर के मूल्य में उतार चढ़ाव उक्त कंपनी के प्रबंधन एवम कार्य प्रणाली पर आधारित होते है।
  • यहां लिक्विडटी ज्यादा होती है जिससे सौदे बनाने में आसानी होती है।
  • किसी कमोडिटी के मुकाबले किसी स्टॉक में ज्यादा फेरबदल होता है।
  • यहां निवेश कितनी भी अवधि के लिए किया जा सकता है।
  • यहां समय समय पर कंपनी द्वारा बोनस शेयर भी दिया जा सकता है।

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  • कुछ अच्छी कंपनियां अपने ग्राहकों को वार्षिक आधार पर डिविडेंड भी देती है। जोकि एक निवेशक के लिए अतिरिक्त कमाई का स्रोत होता है।
  • यहां एक निवेशक किसी कंपनी के आई.पी.ओ. (IPO) में भी शामिल हो सकता है। जब कोई कंपनी पहली बार किसी एक्सचेंज के माध्यम से अपनी कंपनी की हिस्सेदारी शेयर के रूप में आम निवेशको को उपलब्ध कराती है तो उसके लिए कंपनी को पहले अपना IPO लेकर आना होता है जहां कंपनी अपने शेयर डिस्काउंट पर आम निवेशको को उपलब्ध कराती है जिसकां फायदा एक आम निवेशक को हो सकता है।

कमोडिटी बाज़ार के फायदे-

  • यहां एक निवेशक के लिए कुछ ही वस्तुओं में ट्रेड करने के मौके होते है जिसका एक निवेशक के लिए फायदा यह है कि एक निवेशक को ट्रेड करने के लिए किसी उलझन में नही होना पड़ता और इन वस्तुओं को जांचने परखने और इनके ट्रेंड को समझने में आसानी होती है।
  • कमोडिटी बाज़ार में ट्रेड करने के लिए मार्जिन बेहद कम लगता है। कमोडिटी बाज़ार में केवल तीन से पांच प्रतिशत धनराशि के आधार पर सौदा बनाया जा सकता है।
  • कमोडिटी बाज़ार में कोई व्यक्ति सकैम नही कर सकता है जैसा कि शेयर बाज़ार में होता है जिसकी वजह से शेयर के प्राइस बेहद नीचे गिर जाते है और निवेशक बर्बाद हो जाते है, कमोडिटी बाज़ार में कीमतें वैश्विक आधार पर घटती बढ़ती है जोकि एक निवेशक के लिए बेहद अच्छा है।

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  • कमोडिटी बाज़ार में ट्रेडिंग के पर्याप्त मौके होते है क्योंकि इसकी समयावधि शेयर बाज़ार के मुकाबले ज्यादा है कमोडिटी बाज़ार सुबह 09:00 बजे से रात्रि के 11:55 तक खुलता है।
  • कमोडिटी बाज़ार में ऑप्शन ट्रेडिंग भी की जा सकती है।
  • कमोडिटी बाज़ार में शेयर बाज़ार की अपेक्षा कम मूवमेंट होता है जोकि एक निवेशक को ज्यादा नुकसान होने से बचाता है।

शेयर बाज़ार में नुकसान

  • यहां ज्यादा हलचल होती है और नुकसान होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है।
  • इंट्राडे ट्रेडिंग के कुछ ही घन्टे मिलते है जहां मुनाफा कमाना बेहद मुश्किल है।
  • शेयर बाज़ार में आम निवेशको के लिए खतरा ज्यादा है यहां कुछ लोग कंपनी से जुड़े होते है जो उक्त कंपनी की खबरे लीक कर देते है जिससे उक्त कंपनी के शेयर में अचानक उछाल या गिरावट आ जाती है।

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  • शेयर बाज़ार में छोटी खबरों पर बड़ा एक्शन हो सकता है। जबकि कमोडिटी बाज़ार में ऐसा नही होता है।
  • किसी भी कंपनी के शेयर तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद अपना ट्रेंड बदल सकते है। जिसकी वजह से लम्बी अवधि के निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कमोडिटी बाज़ार के नुकसान

  • यहां मूवमेंट कम होता है जिसकी वजह से लंबे समय तक पोजीशन बनाये रखनी पड़ती है।
  • कमोडिटी बाज़ार के लिए वैश्विक आधार पर खुद को तैयार करना पड़ता है।
  • किसी कमोडिटी के मूल्य में उछाल और दवाब के लिए रुपए और डॉलर दोनों की कीमतों का आंकलन भी करना पड़ता है। यदि डॉलर की कीमतें रुपए के मुकाबले ज्यादा बढ़ेंगी तो क्रुडें आयल की कीमतों में भी वृद्धि होगी। अतः कमोडिटी बाज़ार के लिए रुपए की चाल को समझना भी आवश्यक है।
  • यहां लम्बी अवधि के लिए निवेश नही किया जा सकता है क्योंकि प्रत्येक सौदे की अपनी समयावधि है।
  • कमोडिटी बाज़ार के लिए कोई विशेष समाचार एजेंसी नही है जिससे व्यापक जानकारी मिल सके।

दोनों बाजारों के बारे में यह कहना कि कौनसा बाज़ार अच्छा है यह किसी व्यक्ति विशेष के लिए अलग अलग हो सकता है।
निष्कर्ष- उपरोक्त सभी आंकलन करने के पश्चात इस निर्णय पर पहुचा जा सकता है कि एक आम निवेशक के लिए कमोडिटी बाज़ार शेयर बाज़ार की अपेक्षा ज्यादा अच्छा है और जहां एक निवेशक के लिए पर्याप्त मौके उपलब्ध है।


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