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जानिये क्या होता है शेयर मार्केट में सेंसेक्स और निफ़्टी का मतलब ??

सेंसेक्स क्या होता है

एस एंड पी बीएसई सेंसेक्स (एस एंड पी बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक), मुम्बई शेयर बाजार में सूचीबद्ध 30  स्थापित और आर्थिक रूप से मजबूत कंपनियों के एक मुक्त फ्लोट बाजार भारित शेयर बाजार सूचकांक (free-float market-weighted stock market index) है।  BSE में से सबसे बड़े और सबसे सक्रिय रूप से कारोबार करने वाले  शेयरों में से ऐसी  30 कंपनियों को लिया जाता है जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं। तीस शेयरों के इसी इंडेक्स को सेंसेक्स कहते हैं.

1 जनवरी 1986 के बाद से प्रकाशित, BSE Sensex भारत में घरेलू शेयर बाजारों की नाड़ी के रूप में माना जाता है। एस एंड पी बीएसई सेंसेक्स का आधार मूल्य 1 अप्रैल 1979 के दिन से 100 के रूप में लिया और 1978-1979 इसका आधार वर्ष है।

कैसे गिनते हैं सेंसेक्स

जैसे कि Sensex in Hindi में मैनें बताया कि सेंसेक्स free-float market-weighted stock market index है. फ्री फ्लोट का आसान हिंदी में अर्थ होगा तैरने के लिए आजाद. किसी भी कंपनी के बाजार पूंजीकरण Market Capitalization का वह हिस्सा जो बिकने के लिए बाजार में उपलब्ध हो सकता है  वह फ्री फ्लोट बाजार पूँजी होगी और उसी के आधार पर सेंसेक्स की गणना की जाती है. आम तौर पर प्रमोटरों का हिस्सा अथवा सरकार का हिस्सा पूँजी में से निकाल दें तो बाकी बची पूँजी बाजार में बिकने के लिए उपलब्ध हो सकती है.

Market Capitalization अथवा बाजार पूंजीकरण

इसे Market Cap या बाजार पूँजी भी कह सकते हैं. इसे कंपनी द्वारा कुल जारी शेयरों की संख्या को प्रति शेयर बाजार भाव से गुना करके प्राप्त किया जा सकता है.  यदि एक कंपनी ने  दस दस रुपये कीमत के एक लाख शेयर जारी किये हैं तो कंपनी की पूँजी हुई दस लाख रुपये. अब यदि इस कंपनी के एक शेयर की बाजार में कीमत साठ रु है तो कंपनी की Market Cap या बाजार पूँजी साठ लाख होगी.

बाजार पूँजी = कुल बकाया शेयर X प्रति शेयर बाजार भाव

1,00,000 X रु 60 = रु 60,00,000

अब यदि इस कंपनी में प्रमोटरों का हिस्सा 40 %  है और पब्लिक का हिस्सा 60%  है तो इस कंपनी में फ्री फ्लोट फैक्टर होगा 0.6 .  यानि इंडेक्स की गणना के लिए इस कंपनी के बाजार पूँजी का 60%  हिस्से का ही असर माना जाएगा.

इस प्रकार से पूरे इंडेक्स का free float market capitalization निकाला जाता है और उसे इंडेक्स विभाजक (index divisor) से विभाजित कर दिया जाता है. यह इंडेक्स विभाजक 1978-1979 के आधार वर्ष की बाजार पूँजी में हुई बढ़त पर आधारित होता है.

मान लीजिये आधार वर्ष में बाजार पूँजी थी 50000 और जिस दिन का इंडेक्स गिनना है उस दिन की बाजार पूँजी है 12000000 है तो इंडेक्स विभाजक होगा 100/50000 और इंडेक्स की गणना होगी 12000000 x 100/50000 = 24000.

दुनिया भर के निवेशकों की नज़र में

आज जबकि मुंबई स्टॉक एक्स्चेंज और नैशनल स्टॉक एक्स्चेंज की गिनती दुनिया के बड़े शेयर बाज़ारों में होती है तो इनके सूचकांक पर भी दुनिया भर के निवेशकों की नज़र रहती है। जबकि दुनिया भर की अर्थ व्यवस्थाएँ एक दूसरे पर व्यापक असर करतीं हैं इसीलिए दुनिया भर के निवेशक भी सभी बड़ी अर्थ व्यवस्थाओं पर निरंतर नज़र रखते हैं। हमारे देश  में  भी बड़ी मात्रा में विदेशी निवेश बाज़ारों में आता है।

निजी निवेश पर सेंसेक्स का असर

अब यदि आप ने भी बाज़ार में निवेश किया है और आपके पास अपना एक पोर्टफोलियो है तो आप बाजार पर निरंतर नज़र तो रखते ही होंगे। अब यदि आपके शेयरों की क़ीमत इंडेक्स के अनुपात में अधिक बढ़ी है तो आप जान जाएँगे कि आपके निवेश का प्रदर्शन अच्छा है। इसी प्रकार यदि आपके शेयरों की क़ीमत बाजार के इंडेक्स के अनुपात में कम बढ़ी है तो इसका मतलब आपके निवेश का प्रदर्शन बाजार के अनुपात में कम है। यदि आपका निवेश आपको इंडेक्स के अनुपात में कम रिटर्न दे रहा है तो बेहतर है आप निवेश के लिए स्वयं शेयरों का चुनाव ना करके इंडेक्स में शामिल शेयरों में उनके अनुभार के अनुसार निवेश कर दें।

निफ्टी क्या है

निफ्टी दो शब्दों को मिला कर बना है NATIONAL और FIFTY. इससे यह प्रतीत होता है कि निफ्टी शब्द नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध सर्वोच्च पचास शेयरों पर आधारित है. निफ्टी की चाल से आपको बाजार की चाल का हाल मालूम हो जाता है. यदि निफ्टी में तेजी है तो आप मान सकते हैं कि बाजार में भी तेजी है. यदि निफ्टी में गिरावट है तो आप मान सकते हैं कि बाजार में भी गिरावट है.  हालाँकि निफ्टी केवल पचास शेयरों की कीमत के आधार पर ही गिना जाता है फिर भी निफ्टी की दिशा बाजार की दिशा का  भी संकेत देती है.

NSE का सूचकांक

BSE तथा NSE भारत के प्रमुख शेयर बाजार हैं जहां शेयरों की ट्रेडिंग होती है. सेंसेक्स तथा निफ्टी इनके प्रमुख सूचकांक हैं. हमने अपनी पिछली पोस्ट सेंसेक्स क्या है में आपको बताया था की सेंसेक्स क्या है और इसे कैसे गिनाते हैं. सेंसेक्स क्योंकि 30 शेयरों पर आधारित है और निफ्टी 50 शेयरों पर आधारित है तो हम कह सकते हैं की निफ्टी बाजार की चाल का व्यापक तरीके से प्रतिनिधित्व करता है. यह पचास शेयर 22 अलग अलग उद्योगों से लिए गए हैं.


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