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आरबीआई आज ब्याज दरों का ऐलान करेगा, रेपो रेट घटा तो होगी यह चीज़ें सस्ती !!

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक खत्म होने के बाद गुरुवार को फैसलों का ऐलान किया जाएगा। एक बड़ा वर्ग आरबीआई से ब्याज दर में कटौती की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल ब्याज दर में कमी के आसार नहीं हैं। लेकिन, आरबीआई अपना आउटलुक सख्त से बदलकर न्यूट्रल कर सकता है।

महंगाई दर कम, इसलिए ब्याज दर घटाने की गुंजाइश

  • अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एसएंडपी का मानना है कि महंगाई दर में गिरावट और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में नरमी का रुख है। ऐसे माहौल में रिजर्व बैंक के पास ब्याज दर में कटौती की काफी गुंजाइश बन रही है।
  • एसबीआई की ईकोरैप रिपोर्ट में भी कहा गया है कि महंगाई दर काबू में होने की वजह से रिजर्व बैंक अप्रैल में ब्याज दरें घटा सकता है। हालांकि, इस बार भी 0.25% की कटौती की जाए तो हैरानी नहीं होगी।
  • प्रमुख ब्याज दर (रेपो रेट) फिलहाल 6.5% है। आरबीआई ने 1 अगस्त 2018 को रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत इजाफा कर 6.50% कर दी थी। रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। इस दर के कम होने से यह उम्मीद बढ़ जाती है कि बैंक भी ग्राहकों को सस्ता लोन देंगे।

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  • यह मौद्रिक नीति की इस वित्त वर्ष की छठी और आखिरी द्विमासिक समीक्षा होगी। नए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में यह पहली समीक्षा होगी। उर्जित पटेल के अचानक इस्तीफा देने के बाद दास ने दिसंबर 2018 में पदभार संभाला था।
  • रिजर्व बैंक ने दिसंबर में मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दर में बदलाव नहीं किया था। लेकिन, यह कहा था कि यदि महंगाई में तेजी का जोखिम वास्तविक रूप नहीं लेता है तो रेट कम की जा सकती है।

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  • खाने-पीने की चीजों और ईंधन के दाम में लगातार गिरावट से खुदरा महंगाई दर दिसंबर 2018 में 2.19% पर आ गई। यह बीते 18 महीने यानी डेढ़ साल का सबसे कम स्तर है। वहीं थोक महंगाई दर भी दिसंबर में 3.80% रही। यह बीते आठ महीने में इसका सबसे कम स्तर है।
  • सरकार ने खुदरा महंगाई दर को 2% घट-बढ़ की गुंजाइश के साथ 4% के स्तर के आसपास बनाए रखने का जिम्मा रिजर्व बैंक को दे रखा है। केंद्रीय बैंक ने इस वित्त वर्ष की दो समीक्षा में ब्याज दर 0.25%-0.25% बढ़ाने के बाद पिछली तीन समीक्षा में इसे स्थिर रखा था।
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