main-qimg-4892c86912559e6edc2f6cab2ffb3edf

जानिये सेंसेक्स और निफ़्टी में क्या होता है अंतर !!

सेंसेक्स और निफ्टी में अंतर क्या हैं, इन्हें कैसे गिनते हैं और यह दोनों सुचकांक किसका प्रतिनिधित्व करते हैं इस पर विस्तार से चर्चा करते हैं। हमेशा समाचारों में छाये रहने वाले सेंसेक्स और निफ्टी में अंतर को समझेंगे साथ ही समझेंगे इनकी फुल फॉर्म क्या है और इनका क्या महत्व है। शेयर बाजार को समझने के लिये Sensex और Nifty की चाल को समझना भी आवश्यक है और यह भी समझना जरुरी है कि इन दोनों में से कोई ज्यादा और कोई कम कैसे घटता या बढ़ता है। Difference in Sensex and Nifty in Hindi

BSE और NSE के इंडेक्स

BSE और NSE जैसे देश के प्रमुख शेयर बाजार हैं तो सेंसेक्स और निफ्टी इनके दिल की धड़कनें हैं। दोनों बाजारों में हजारों शेयरों का कारोबार होता है मगर सेंसेक्स और निफ्टी कुछ चुने हुये शेयरों की चाल पर आधारित होते हैं।  मगर यह चुने हुए शेयर पूरे बाजार और अधिकतर उद्योगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यहां पढ़ें ब्लू चिप शेयर और FMCG शेयर क्या होते हैं।

डाउनलोड करे शेयर मार्केट फ्री इ बुक और सीखे कैसे शेयर मार्केट में किया जाता है काम

सेंसेक्स और निफ्टी में अंतर

निफ्टी और सेंसेक्स के बीच वास्तविक अंतर क्या है। सबसे पहले, निफ्टी एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स है जबकि सेंसेक्स बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स है। दूसरा, सेंसेक्स सिर्फ 30 शेयरों पर अधारित है जबकि निफ्टी 50 शेयरों पर आधारित है। तीसरा, सभी सूचकांक की गणना आधार वर्ष अवधारणा के आधार पर की जाती है। निफ्टी के लिए आधार वर्ष 1995 के लिए 1000 के रूप में लिया जाता है। सेंसेक्स के मामले में आधार वर्ष 1979 के लिए 100 के रूप में लिया जाता है।

डाउनलोड करे शेयर मार्केट फ्री इ बुक और सीखे कैसे शेयर मार्केट में किया जाता है काम

आधार वर्ष

सूचकांक में संपत्ति निर्माण की गणना उनके आधार वर्षों के संदर्भ में की जाती है। 1 995 में निफ्टी 1000 के स्तर पर था और 2018 में 10,400 पर था। इसका मतलब है कि निफ्टी में लगे पैसे की वृद्धी पिछले 22 वर्षों में 10.4 बार हुई। सेंसेक्स 1979 में 100 था और आज 33,800 पर है। इसका मतलब है कि पिछले 39 सालों में सेंसेक्स 338 गुणा बढ़ गया है। सहजता से, कोई यह निष्कर्ष निकाल सकता है कि 1995 के बाद की तुलना में 1 995 से पहले इक्विटी बाजारों में बहुत अधिक धन बनाया गया था। यहां आप समझ सकते हैं कि निवेश के लिये शेयर कैसे चुनें हमारी साइट पर।

डाउनलोड करे शेयर मार्केट फ्री इ बुक और सीखे कैसे शेयर मार्केट में किया जाता है काम

फ्री-फ्लोट पद्धति

निफ्टी और सेंसेक्स दोनों फ्री-फ्लोट पद्धति पर आधारित हैं। इसका मतलब है कि केवल शेयर जो स्वतंत्र रूप से व्यापार किए जाते हैं उन्हें इंडेक्स मूल्यों की गणना में शामिल किया जाएगा। निफ्टी और सेंसेक्स की गनणा कैसे की जाती है विस्तार से पढ़िये सेंसेक्सक्या है और निफ्टी के बारे में।श

रुपये में गणना

निफ्टी और सेंसेक्स दोनों भारतीय रुपये में गिने जाते हैं। इसका मतलब है कि ₹/$ के मूल्य में विदेशी मुद्रा में उतार चढ़ाव का निफ्टी या सेंसेक्स पर कोई असर नहीं होता है। इसका मतलब यह है कि निफ्टी और सेंसेक्स विदेशी निवेशकों के निवेश में बदलाव को सही से प्रदार्शित नहीं करते।

निफ्टी और सेंसेक्स पर ऑप्शन और फ्यूचर को खरीद या बेचकर समग्र बाजार की दिशा पर व्यापार करने के लिए कोई इन इंडेक्स का उपयोग कर सकता है। दोनों सूचकांक ऑप्शन और फ्यूचर पर संबंधित बाजारों में व्यापार के लिए उपलब्ध हैं।

डाउनलोड करे शेयर मार्केट फ्री इ बुक और सीखे कैसे शेयर मार्केट में किया जाता है काम

समग्र प्रतिनिधित्व

समय के साथ साथ सेंसेक्स और निफ्टी में शामिल कंपनियों और उद्योगों में बदलाव किया जाता है। सूचकांकों की पहचान यही है कि उस सूचकांक से समग्र भारतीय अर्थव्यवस्था  व्यापक रूप से प्रतिबिंबित होनी चाहिए। 20 साल पहले आईटी कंपनियों की भारत में शायद ही कोई उपस्थिति थी और इसलिए वे सूचकांक का हिस्सा नहीं थीं। आज, उनके महत्व में वृद्धि हुई है और वे सूचकांक के 12% से अधिक हैं। सेंसेक्स और निफ्टी में बैंकिंग और वित्तीय कंपनियां कुल मिलाकर 30% से ज्यादा एक्सपोजर के साथ हावी है।

दुनिया के प्रमुख सुचकांक

वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों का प्रदर्शन सूचकांक के प्रदर्शन से तय किया जाता है। अमेरिका में डॉव जोन्स, यूके में फुटसी, जर्मनी में डीएक्स, जापान में निकेई और हांगकांग में हैंग सेंग इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स हैं। भारत के लिए यह सेंसेक्स और निफ्टी है।

डाउनलोड करे शेयर मार्केट फ्री इ बुक और सीखे कैसे शेयर मार्केट में किया जाता है काम

यहां हमने सेंसेक्स और निफ्टी में अंतर को आसान भाषा में समझा जिससे हमें इनकी चाल को समझने में आसानी हो और आइडिया रहे कि ये सुचकांक किस का प्रतिनिधित्व करते हें।


Connect With Us
Facebook
Facebook
Instagram
LinkedIn
Tags: No tags

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *