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Investments : बैचलर लाइफ से रिटायरमेंट तक, सीखें कैसे और कितना करें निवेश !!

जब आप किसी वित्तीय सलाहकार के पास जाते हैं तो वह जीवन के विभिन्न चरणों के हिसाब से निवेश को बांटने की बात करता है।मोटे तौर पर पर जब पढ़ाई पूरी करने के बाद आप जॉब जॉइन करते हैं तो आप पर जिम्मेदारियां काफी कम होती हैं। उम्र बढ़ने के साथ हमारी जवाबदेही बदलती रहती है. हम आपको बता रहे हैं कि निवेश के हिसाब से जीवन के विभिन्न चरण क्या है?

एक आम व्यक्ति के जीवन के विभिन्न चरण ये हैं.

  • सिंगल
  • शादीशुदा
  • शादी के बाद बच्चे
  • बच्चे बड़े हो रहे हैं
  • रिटायरमेंट

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निवेश पर इन बातों का क्या असर पड़ता है? आपके निवेश पर जीवन के विभिन्न चरणों का असर इस तरह पड़ता है

  • आमदनी –बिना बचत के आप निवेश नहीं कर सकते। अगर आपको जॉब या कारोबार से आमदनी है, तभी आप निवेश कर सकते हैं।
  • उम्र का असर-जब आप युवा होते हैं, आप अधिक जोखिम ले सकते हैं। जब आपकी उम्र बढ़ती है तो जोखिम उठाने की क्षमता घट जाती है।
  • बचत-जैसे ही आप कमाई शुरू करते हैं, आपको बचत भी शुरू करनी चाहिए। मार्केट ट्रेंड्स-अधिकतर निवेश शेयर बाजार से संबद्ध होते हैं। निवेश से पहले आपको शेयर बाजार के बारे में जानकारी जरूर जुटानी चाहिए।

आप किस स्टेज पर हैं? जीवन के विभिन्न चरण में निवेश के लिए आपको इसे ठीक से समझने की जरूरत है.

1. बैचलर उम्र

इस समय आप स्वतंत्र होते हैं। आपके हाथ में पैसे होते हैं और समय भी। इस समय छोटी सी प्लानिंग आपको जीवन में अमीर बना सकती है। रिटायरमेंट के लिए अभी से बचत शुरू करें। अभी बहुत कम रकम से आप निवेश शुरू कर रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड जुटा सकते हैं।

पहली बार आमदनी शुरू होते ही आप उसे उड़ाने में मत जुट जाएं।

  1. अपने दिमाग में इन चीजों को जरूर रखें:
  • कोई वित्तीय देनदारी नहीं-इस समय आपके ऊपर पत्नी/बच्चों आदि की जिम्मेदारी नहीं होती। आप अपनी पूरी आमदनी खुद पर खर्च करते हैं।
  • युवा हैं आप-युवा होने की वजह से आप पर जिम्मेदारी नहीं है, इस मौके का उपयोग कर आप निवेश शुरू कर सकते हैं।
  • लंबी अवधि के निवेश-इस समय अगर आप 10-15 साल के हिसाब से निवेश की शुरुआत करते हैं तो आप अपने अंदर वित्तीय अनुशासन लाते हैं।
  • कितना करें निवेश-इस समय आप अपनी मासिक आमदनी का 60-70 फीसदी तक निवेश कर सकते हैं।
  • आदर्श निवेश विकल्प-इस उम्र में आप इक्विटी म्यूचुअल फंड, टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड, PPF, NPS और शेयरों में निवेश कर सकते हैं।

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2.शादी के बाद की उम्र

हर व्यक्ति के जीवन में शादी के बाद चीजें बदल जाती है।अब आपकी आमदनी से सिर्फ आपका खर्च नहीं चलता, बल्कि आपके जीवनसाथी का भी चलता है। अब हालांकि चलन में यह है कि पति/पत्नी दोनों कामकाजी होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप बचत करना बंद कर दें

इस समय भी आपको अपने दिमाग में कुछ चीजें रखने की जरूरत है

  • वित्तीय जवाबदेही-आप दोनों को निवेश करना चाहिए। इसकी वजह यह है कि किसी एक के काम छोड़ने के बाद आपको अपनी जीवनशैली में व्यापक बदलाव नहीं लाना पड़े।
  • खर्च बढ़ेगा-अब तक आप अकेले थे, किसी भी तरह से गुजारा चल रहा था. शादी के बाद व्यवस्थित घर, किचन और बाकी सुविधा आपका खर्च बढ़ाती है।
  • जोखिम घटायें-अब आपको कम जोखिम वाले निवेश विकल्प चुनने की जरूरत है।
  • इमरजेंसी फंड बनायें-अब आपको आकस्मिक स्थिति के लिए फंड बनाकर रखने की जरूरत है।
  • कितना करें निवेश-अगर आप दोनों कामकाजी हैं तो अब आपको कुल आमदनी का 30-50 फीसदी तक निवेश करना चाहिए।
  • आदर्श निवेश- इस समय आपको रियल एस्टेट, हेल्थ इंश्योरेंस, डेट माध्यम, म्यूचुअल फंड आदि में निवेश करना चाहिए।

3.पैरेंट्स बन गए हैं?

शादी के बाद आपका जीवन बच्चे होने के बाद बदलता है। अब आपको इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

  • अधिक वित्तीय जिम्मेदारी-अब आपके ऊपर सिर्फ जीवनसाथी ही निर्भर नहीं है। अब आपको बच्चे का भी ध्यान रखना है।
  • ज्यादा खर्च, कम बचत-आपके पिता/माता बनते ही आपका खर्च तेजी से बढ़ता है। इस हिसाब से आपके पास बचत के लिए कम रकम बचती है।
  • जोखिम और घटाएं-अब आपको कम जोखिम वाले निवेश विकल्प अपनाने चाहिए। फिक्स्ड आमदनी वाले विकल्प में रिटर्न कम मिलता है लेकिन अब आपका ध्यान उसी तरफ होना चाहिए।
  • आदर्श निवेश-अब आपको जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, रेकरिंग डिपाजिट, पेंशन प्लान और डेट म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए।

4.क्या बच्चे बड़े हो रहे हैं?

इस समय आपकी वित्तीय स्थिति इस बात पर निर्भर करती है कि आपने शुरुआती सालों में बचत और investments पर कितनी गंभीरता से अमल किया है। अब आप ठीक-ठाक कमाई कर रहे हैं और अपनी बचत को रफ्तार देने की स्थिति में हैं। अपनी स्थिरता से समझौता किये बिना आपको वित्तीय स्थिति मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

5.रिटायर होने के समय

अब आपको अपनी सभी बचत को समेटने का प्रयास करने की जरूरत है। जीवन भर आपने कड़ी मेहनत की है, अब उसका फल खाने का वक्त आया है। अब आपको क्या करना चाहिए?

  • निवेश भुनाएं-अब आपको अपने सभी निवेश विकल्प की समीक्षा करने और उसे भुनाने के प्रयास करने चाहिए।
  • खर्च के लिए लिक्विड फंड-रोजाना और मासिक खर्च के लिए आपको नकदी सेविंग अकाउंट या लिक्विड म्यूचुअल फंड में रखना चाहिए।
  • कम जोखिम वाले निवेश-अब आपको शेयर में निवेश करने की जरूरत नहीं है। आप डेट म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपाजिट आदि में investments कर सकते हैं।
  •  छोटी अवधि के निवेश-इस वक्त आपको कम समय के निवेश विकल्प पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
  • कितना करें निवेश-आपको अपनी आमदनी का 20 फीसदी तक रकम निवेश करना चाहिए।
  • आदर्श निवेश-अब आप सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) या फिक्स्ड डिपाजिट में निवेश कर सकते हैं।
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