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Interim Budget 2019: अंतरिम बजट में किसानों और मिडिल क्लास के लिए होंगे ये खास तोहफे !!

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आज अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करेगी।अरुण जेटली के बीमार होने के कारण उनकी जगह वित्त मंत्रालय संभाल रहे पीयूष गोयल आज लोकसभा में अंतरिम बजट  पेश करेंगे। चुनावी साल होने की वजह से सरकार का यह अंतरिम बजट होगा। अंतरिम बजट का मतलब होता है सरकार पूरे वित्त वर्ष के लिए बजट न देकर नई सरकार के गठन तक के लिए बजट में आमदनी और खर्च का ब्यौरा देती है। चुनाव होने के बाद नई सरकार पूर्ण बजट लाती है। ऐसे में इस बार का बजट कैसा होगा, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संकेत दिए थे कि अंतरिम बजट में क्या होगा यह हमेशा से इकोनॉमी के बड़े हित से तय होता है। इसलिए संभावना है कि यह अंतरिम बजट न रहकर लोकलुभावन बजट हो सकता है। अभी तक जो खबरें आईं हैं, उनमें एक बात साफ है कि इस बजट में मिडिल क्लास और किसानों के लिए काफी कुछ होगा।

बजट से उम्मीदें-

बढ़ सकता है टैक्स का दायरा

Interim Budget में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिल सकती है। न सिर्फ टैक्स छूट का दायरा बढ़ाया जा सकता है, बल्कि और भी कई रियायतें दी जा सकती हैं। अंतरिम बजट में टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने का ऐलान संभव है। बजट में सेक्शन 80C का दायरा बढ़ाया जा सकता है। नेशनल पेंशन स्कीम के तहत टैक्स छूट और स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा भी बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा अफोर्डेबल हाउसिंग पर टैक्स छूट जारी रह सकती है।  

किसानों को मिल सकती है बड़ी सौगात

ऐसा माना जा रहा है कि सरकार इस Interim Budget में एग्री लोन के लक्ष्य को लगभग 10 प्रतिशत बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये कर सकती है। इसके अलावा जन-धन खाते की तरह सरकार केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) सुविधाओं के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर सकती है। फसलों के लिए बीमा पॉलिसी लेने वालों किसानों के लिए पूरी तरह से प्रीमियम माफ करने का फैसला हो सकता है। वहीं सरकार लघु और सीमांत किसानों को 5,000 रुपये प्रति एकड़/ प्रति वर्ष की मदद करने की घोषणा कर सकती है।

यूनिवर्सल बेसिक इनकम की हो सकती है घोषणा

इसके अलावा यह भी अटकलें हैं कि सरकार इस बार के बजट में यूनिवर्सल बेसिक इनकम की घोषणा कर सकती है।इसमें हर किसी को शामिल करने की बजाय सिर्फ गरीबों को शामिल किया जा सकता है।

व्यापारियों को 10 लाख रुपये का मुफ्त बीमा

व्यापारियों के लिए आगामी बजट में 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर, सस्ती दर पर कर्ज, जीएसटी दर को तर्कसंगत बनाने जैसे प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा हो सकती है।

सस्ते घर प्रोजेक्ट पर टैक्स छूट रह सकती है जारी

सस्ते घर प्रोजेक्ट पर मिल रही टैक्स छूट जारी रहने की संभावना है।सस्ते घर प्रोजेक्ट पर मिल रही छूट की मियाद 31 मार्च को खत्म हो रही है। ऐसे में अंतरिम बजट में इसकी समयसमा बढ़ाने का ऐलान किया जा सकता है। सरकार ने अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए साल 2016 में एक घोषणा की थी कि जो भी अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट लेकर कंपनियां आएंगी, उनके प्रॉफिट पर सरकार टैक्स नहीं लेगी। यानी 100 फीसदी टैक्स डिडक्शन होगा। अब उसकी मियाद 31 मार्च 2019 को खत्म हो रही है, लेकिन अफोर्डेबल हाउसिंग का जो लक्ष्य रखा गया था वो अभी तक पूरा हो नहीं पाया है और सरकार का फोकस अभी भी बना हुआ है।

बढ़ सकता है मुद्रा लोन का बजट

मुद्रा लोन में बढ़ते एनपीए के बावजूद सरकार बजट में इसका आवंटन बढ़ा सकती है।सरकार चुनाव से पहले छोटे कारोबारियों को सस्ते में ज्यादा से ज्यादा लोन मुहैया कराना चाहती है।

टैक्स फ्री हो सकती है मैटरनिटी लीव की सैलरी

महिलाओं को मैटरनिटी के समय मिलने वाली सैलरी टैक्स फ्री हो सकती है। महिला वोटर्स को लुभाने के लिए वित्त मंत्री अंतरिम बजट में इसकी घोषणा कर सकते है।



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