BAKS CLOTHING CO. (2)

बचना चाहते है निवेश में Fraud से तो अपना सकते है ये तरीके !!

निवेश में धोखे से कैसे बचें How to avoid investment frauds आज आपको कुछ साधारण किस्म के धोखों से बचने के उपायों के बारे में बताते हैं जो कि अक्सर आपके एजेंट Agents कर जाते हैं। निवेश और बीमा में अक्सर गुमराह करके प्लान बेच दिया जाता है. जानकारी के अभाव में अकसर एजेंट द्वारा जो बताया जाता है उसी पर ग्राहक विश्वास करा लेता है. यहाँ हम आपको निबेश में धोखे से बचने के कुछ उपाय बता रहे हैं जिससे कि आप जब निवेश करें तो सावधान रहें और धोखा ना खाएं.

मेरे एक मित्र ने निवेश Invest तो किया था म्यूचुअल फंड में मगर एजेंट Agent ने उन्हें यूलिप बेच दिया। कई बार ऐसा होता है कि एजेंट सपने तो किसी और प्लान या प्रोडक्ट के दिखाते हैं मगर जब वास्तव में आपके पास निवेश के कागज पहुंचते हैं तो उसमें कुछ और ही निकलता है। कई निवेशक तो आलस के कारण या जानकारी न होने के कारण प्राप्त कागजों को देखते भी नहीं कि उन्हें जो निवेश के कागजात मिले हैं उनमें सब कुछ सही है कि नहीं।

डाउनलोड करे शेयर मार्केट फ्री इ बुक और सीखे कैसे शेयर मार्केट में किया जाता है काम

निवेश में धोखे से कैसे बचें

आपको हमने पहले भी इस बात के लिये आगाह किया था कि कैसे कुछ एजेंट बड़े बड़े वादे करके कुछ भी बेच देते हैं। यह भी बताया था कि किस तरह से अपने एजेंट का चुनाव करें। इसके बाद जब आप कोई निवेश करते हैं निवेश के कागज़ प्राप्त होने के बाद क्या करना है आज हम आपको वही बताना चाहते हैं:

जिस स्कीम में निवेश किया था क्या यह वही है

बहुत जरूरी है यह जांचना कि आपने जिस स्कीम में देखभाल कर और अपनी जरूरत के हिसाब से निवेश किया था क्या प्राप्त कागजात उसी स्कीम में निवेश हुए हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि एजेंट ने अपनी कमीशन के चक्कर में आपको कोई ऐसा प्लान दे दिया हो जो आपकी जरूरतों के मुताबिक ही न हो। यहां म्युचुअल फंडऔर यूलिप में अंतर को समझना भी जरूरी है। म्युचुअल फंड Mutual Funds मध्यम समय (पांच से सात वर्ष) के लिये निवेश के लिये उत्तम हैं और यूलिप Ulip दस साल या उससे अधिक समय के लिये। यूलिप Ulip में पहले वर्ष में ज्यादा चार्जेज कटते हैं मगर लम्बी अवधी में यूलिप म्यूचल फंड से भी ज्यादा फायदेमंद भी साबित हो सकता है।

डाउनलोड करे शेयर मार्केट फ्री इ बुक और सीखे कैसे शेयर मार्केट में किया जाता है काम

बाकी जानकारी भी देखें

अच्छी तरह से देख लें कि आपका नाम, आपका पता, जन्म की तारीख, संपर्क नंबर, नामितव्यक्ति (nominee) का नाम जैसी जरूरी जानकारी सही से भरी है कि नहीं। याद रखें कि यदि आपने कभी कोई बीमा या यूलिप लिया है और इनमें से कोई जानकारी सही नहीं है तो क्लेम लेने में कई तरह की दिक्कतें भी आ सकती हैं। कुछ कंपनियां आपके द्वारा भेजे गये फार्म की कापी भी करवा कर आपको भेजतीं हैं उसे भी अच्छी तरह जांच लें कि आपके फार्म भरने के बद एजेंट ने उस में कोई बदलाव तो नहीं किये हैं।

प्लान के नियम व शर्तें

बहुत लंबी, उबाउ और कानूनी भाषा मे लिखे यह नियम व शर्तें जरूर पढ़ें। कुछ समझ न आये तो किसी जानकार से उसके बारे में जानने से परहेज न करें। अधिकतर कंपनियां कस्टमर्स केयर नंबर भी देतीं हैं वहां संपर्क करें या स्वंय कंपनी के कार्यालय/शाखा में जायें।

डाउनलोड करे शेयर मार्केट फ्री इ बुक और सीखे कैसे शेयर मार्केट में किया जाता है काम

शुल्क तथा प्रभार

यह भी देख लें कि जैसा बताया गया था क्या शुल्क तथा प्रभार वैसे ही लगे हैं या ज्यादा लगे हैं। भविष्य में लगने वाले प्रभारों की भी जानकारी लें।

अन्य सावधानियाँ

इस सब को देखने के बाद और सब कुछ सही पाने के बाद अपने कागजों को संभाल कर रखें। हो सके तो किसी प्लास्टिक की फाइल या फोल्डर में ही रखें। लकड़ी की अलमारी के बजाये लोहे की अलमारी में रखना ज्यादा सुरक्षित है। जहां भी रखें अपने घर के जिम्मेदार व्यक्तियों को अवश्य बतायें। अपने एजेंट का विजिटिंग कार्ड अपने निवेश के कागजों के साथ रखें जिससे कि समय असमय संपर्क करने में आसानी रहे।

Connect With Us
Facebook
Facebook
Instagram
LinkedIn
Tags: No tags

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *