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Gold Investment : अगर करते है गोल्ड के इंवेस्टमेंट्स तो यह मार्केट हो सकता है सबसे सेफ !!

सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं का व्यापार बूलियन मार्केट के जरिए ही होता है। सोने की खरीद दो तरह से की जाती है। आम लोग सर्राफा बाजार से सोने की खरीददारी करते हैं। वहीं कारोबारी इत्यादि लोग वायदा बाजार के जरिए सोने की खरीददारी करते हैं। बूलियन मार्केट वह जगह होती है जहां सोने-चांदी का व्यापार वायदा बाजार (फ्यूचर मार्केट) के जरिए होता है। साथ ही ओवर द काउंटर भी सोने-चांदी की खरीददारी वहां की जा सकती है। बूलियन मार्केट 24 घंटे खुला रहता है। सोने-चांदी के औद्योगिक इस्तेमाल से इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। ऐसे में बूलियन मार्केट को Gold Investment के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है।

लंदन में हैं सबसे बड़ा बूलियन मार्केट

लंदन के बूलियन मार्केट को सोने और चांदी के सौदे के लिए प्राइमरी ग्लोबल मार्केट के तौर पर माना जाता है। यह फ्यूचर, ऑप्शन और फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स में सोने का सौदा करता है। लंदन स्थित यह मार्केट लंदन बूलियन मार्केट असोसिएशन ओवरसीज द्वारा संचालित किया जाता है। धातुओं के लेन-देन को लेकर इसके अपने स्थापित मानक होते हैं।

30 देशों के 150 सदस्य हैं लंदन बूलियन मार्केट में
लंदन बूलियन मार्केट में 30 देशों के 150 सदस्य हैं। गोल्ड-सिल्वर बुलियन ट्रेडिंग से सबसे ज्यादा रेवेन्यू इन्हें ही मिलता है। लंदन के बूलियन मार्केट की वार्षिक सदस्यता के लिए तकरीबन 5 हजार से 12 यूरो की कीमत देनी पड़ती है।

सोने के दाम तय करने में भूमिका
इंग्लैंड में लंदन बूलियन मार्केट असोसिएशन नाम का एक संगठन है। इसे ICE प्रशासनिक बेंच मार्क चलाता है। यह संगठन दुनिया के सभी देशों की सरकारों के साथ मिलकर यह तय करता है कि सोने की कीमत क्या होनी चाहिए। भारत में भी ICE की तरह का एक नियामक है जिसे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज कहा जाता है। इसे लोग MCX नाम से भी जानते हैं। यह संगठन भारत के बाजार में सोने की मांग और आपूर्ति के आंकड़े जुटाकर सोने की कीमत तय करता है। इसका को-ऑर्डिनेशन लंदन के बूलियन मार्केट असोसिएशन से भी होता है।

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