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Best Way To Invest In Stock: जानिए क्या है स्टॉक मार्केट में निवेश का बेस्ट तरीका

Share Market Investment: स्टॉक मार्केट पैसा बनाने का एक अच्छा तरीका है, इसे देखते हुए लोगों का रुझान इसके प्रति पहले के मुकाबले काफी बढ़ गया है। लेकिन इसमें पैसे डुबानेवालों की गिनती में कम नहीं है। इसलिए स्टॉक मार्केट में पैसा लगाते वक्त किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए, यहां जानिए 

स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने का बेस्ट  तरीका

स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने का सबसे बेस्ट तरीका है किसी ब्रोकर की मदद से पैसे को निवेश करना। क्योंकि उन्हें पता होता है कि मुनाफा होने के चांस कहां ज्यादा हैं। इसके बदले वह बहुत ज्यादा चार्ज भी नहीं लेते। लेकिन अगर फिर आप खुद से निवेश करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको सेविंग अकाउंट, डी मैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत होगी। लेकिन यहां आपको तय करना होगा कि आपको किसमें पैसा लगाना है। स्टॉक मार्केट में इक्विटी, फ्यूचर्स, कमॉडिटी, फॉरेक्स जैसे कई ऑप्शन्स मौजूद हैं।

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  • अगर आप निवेश करने की सोच रहे हैं तो इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम(ELSS) में निवेश करना आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है। आइए जानतें हैं वो वजहें जो ELSS को बनाती है निवेश का एक बेहतरीन ऑप्शन।
  • टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट आमतौर पर कुछ लॉक इन पीरियड के साथ आती है। पीपीएफ का लॉक इन पीरियड जहां 15 साल का होता है, वहीं टैक्स सेंविंग टर्म डिपॉजिट का लॉक इन पीरियड 5 साल होता है। इस मामले में ELSS काफी बेहतर है, क्योंकि इसका लॉक इन पीरियड केवल 3 साल का होता है।
  • अगर आप ट्रेडिशनल इन्वेस्टर हैं और निश्चित रिटर्न वाली जगहों पर निवेश करते हैं तो अब आपको थोड़ा आगे बढ़ने की जरूरत है। खासकर फर्स्ट टाइम इन्वेस्टर्स के लिए यह बेहतरीन ऑप्शन माना जाता है। निश्चित लॉक इन पीरियड आपको स्टॉक मार्कट के उतार-चढ़ाव के तात्कालिक खतरों से बचाता है।

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  • ELSS या कोई भी अन्य इक्विटी म्यूचुअल फंड अब टैक्स फ्री रिटर्न नहीं देते है। इसकी वजह है इक्विटी स्कीम्स पर 1 लाख रुपये से ऊपर के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर लगने वाला एलटीसीजी टैक्स। 10 फीसदी टैक्स लगने के बाद भी यह पीपीएफ, एनएससी जैसी किसी अन्य टैक्स सेविंग स्कीम से बेहतर ऑप्शन है।
  • ज्यादातर टैक्स सेविंग स्कीम्स के लिए मच्योरिटी की समयसीमा होती है। उदाहरण के तौर पर पीपीएफ 15 साल में मच्योर हो जाता है और इसे 5 साल एक्स्ट्रा के लिए रिन्यू किया जा सकता है। ELSS की अगर बात करें तो इसके लिए कोई फिक्स्ड मच्योरिटी डेट नहीं होती, आप जबतक चाहें, इसे रख सकते हैं।
  • ELSS में निवेश पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। हालांकि इसकी खास बात यह है कि इसमें निवेश की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।

स्टॉक्स में निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान

किसी की बातों में आकर इसमें निवेश न कर दें। यह भी ध्यान रखें कि स्टॉक मार्केट पैसा बनाने की मशीन नहीं है। निवेश से पहले अपने आपको शिक्षित भी करें। मार्केट से जुड़ी भाषा पर भी पकड़ बनाएं। यहां यूज होनेवाली टर्म भी समझें। साथ ही मार्केट से बहुत ज्यादा उम्मीदें भी न रखें, जिनके पूरा न होने पर आपको दुख हो।

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