financial-planning-analysis

इन 9 कदमों से हर साल बढ़ा सकते हैं अपना पैसा !!

फाइनेंशियल प्लानिंग के लिहाज से मार्च का महीना अहम होता है. यही वह वक्त होता है जब हम इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की तैयारी शुरू कर देते हैं. साल में लिए गए निवेश के फैसलों की समीक्षा भी इसी दौरान की जाती है. कुछ फैसलों से हम संतुष्ट होते हैं तो कई निराश करते हैं. आगे गलतियां न दोहराएं, इसके लिए हम यहां आपको 9 तरीके बताने जा रहे हैं.

इनकी मदद से आप अपने पैसे को बढ़ा सकते हैं. पहला, अपना पैसा बैंक अकाउंट में यूं ही न पड़ा रहने दें. अक्सर निवेश के सही समय और मौके की तलाश में लोग यह गलती करते हैं. निवेश का प्लान हमेशा तैयार रहना चाहिए. पसंदीदा म्यूचुअल फंड स्कीमों या शेयरों में इसे लगाएं. पैसा तभी बढ़ेगा जब इसे लगाया जाएगा.

डाउनलोड करे शेयर मार्केट फ्री इ बुक और सीखे कैसे शेयर मार्केट में किया जाता है काम

दूसरा, निवेश करने को गतिविधि के साथ नहीं जोड़ें. हमें लगता है कि सफल निवेशक बनने के लिए निवेश पर लगातार नजर रखने की जरूरत है. अपनी निवेश की रणनीति बिल्कुल सरल रखें. यह ऐसी हो कि इसे अमल करने में दिक्कत न आए.

तीसरा, साल में एक बार पोर्टफोलियो की समीक्षा जरूर करें. यह नियम बन जाना चाहिए. यह मानना कि निवेश करके भूल जाना रणनीति है तो इसे बिल्कुल सही नहीं कह सकते हैं. यह आलस्य को दिखाता है. साल में अपने सभी एसेट के मौजूदा मूल्य को नोटबुक में कहीं रिकॉर्ड करना आदत में शुमार होना चाहिए.

डाउनलोड करे शेयर मार्केट फ्री इ बुक और सीखे कैसे शेयर मार्केट में किया जाता है काम

चौथा, गलतियों को स्वीकारें और उसकी जिम्मेदारी खुद लें. कई बार निवेशक उस निवेश विकल्प में पैसा लगाए रखते हैं जिसमें उन्हें नुकसान हो रहा है. ऐसा इस उम्मीद के साथ किया जाता है कि एक न एक दिन यह अपने स्तर पर पहुंचेगा. इस तरह नुकसान कराने वाले ये विकल्प लंबी अवधि के निवेश बन जाते हैं. इस तरह के निवेश को बनाए रखने से हम अपने मुनाफे को कम करते हैं. यह सही रणनीति नहीं है. हमें याद रखना चाहिए कि पोर्टफोलियो में हर एक निवेश अच्छा नहीं करेगा. पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन इसलिए किया जाता है.

पांचवां, सालाना कैश की जरूरतों को ध्यान में रखें. देख लें कि क्या कोई बड़ा खर्च आने वाला है? जैसे क‍ि घर की मरम्मत या बच्चे को कॉलेज भेजने का खर्च आदि. हममें से ज्यादातर अपनी लाइफस्टाइल के हिसाब से मासिक खर्च का बजट बनाते हैं. लेकिन, बड़े खर्चों के लिए तैयार नहीं रहते हैं. इसके लिए पहले से ही तैयार रहना चाहिए.

छठा, क्रेडिट कार्ड के खर्चों की समीक्षा करें. हम में से कई लोग नियमित रूप से क्रेडिट कार्ड के बिलों के बकाया का भुगतान करते हैं. इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचा जाता है. अपने मासिक नियमित खर्चों से अधिक हम जो कुछ भी खर्च करते हैं, वह हमारे क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में दिखता है. इस पर नजर रखकर हम अपनी कई ऐसी आदतों में बदलाव कर सकते हैं, जिनमें फिजूलखर्ची दिखती है.

डाउनलोड करे शेयर मार्केट फ्री इ बुक और सीखे कैसे शेयर मार्केट में किया जाता है काम

सातवां, उन वित्तीय फैसलों के बारे में सोचें जिनसे बाद में पछतावा हो सकता है. इसमें ऐसे कर्ज शामिल हो सकते हैं जो आपने दोस्तों को दिए, लेकिन वापस नहीं मिले. यह नई कार या किसी शेयर में उत्साहित होकर पैसे लगाने का निर्णय भी हो सकता है. सच यह है कि हम हमेशा बिल्कुल सोच-समझकर फैसले नहीं लेते हैं. यह संभव है भी नहीं. लेकिन, इनके बारे में बाद में विचार जरूर किया जा सकता है. इससे इन गलतियों को दोहराने से बचा जा सकता है.

आठवां, निवेश की खामियों को समय-समय पर दूर करते रहना चाहिए. नॉमिनेशन फॉर्म को पूरा करना, अपने फोलियो में ईमेल एड्रेस को दुरुस्त करना, इस्तेमाल न होने वाले बैंक खातों को बंद करना ऐसी ही कुछ चीजों में शुमार हैं.

नवां, इनकम टैक्स रिटर्न जरूर भरें. इसमें जरूरत पड़ने पर पेशेवरों की सलाह लें. लेकिन, इसे पूरा जरूर करें.

Connect With Us
Facebook
Facebook
Instagram
LinkedIn
Tags: No tags

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *